हरगोविंद जाग अब, कर अब ही तू जो नहीं कर पाया.....! हरगोविंद जाग अब, कर अब ही तू जो नहीं कर पाया.....!
घर संसार बसा कर हमने सुख सारा ही पाया है। रंग बिरंगे फूलों से इस, जीवन को महकाया है। जीवन... घर संसार बसा कर हमने सुख सारा ही पाया है। रंग बिरंगे फूलों से इस, जीवन को मह...
हया का ये रिश्ता ही शादी हैं। हया का ये रिश्ता ही शादी हैं।
न अब चुप रहो, कुछ तो आवाज़ दो मिलने की मुझसे करो संकल्पना न अब चुप रहो, कुछ तो आवाज़ दो मिलने की मुझसे करो संकल्पना
हसरतों की सेज सजाए हुए पलकों में सारी रात काटी है। हसरतों की सेज सजाए हुए पलकों में सारी रात काटी है।
मैं नहीँ जानती तुम्हें कैसे मनाऊं तुम्हें कैसे भुलाऊँ। मैं नहीँ जानती तुम्हें कैसे मनाऊं तुम्हें कैसे भुलाऊँ।